कागज़ात

Delayed Death Registration Affidavit

एक नज़र में

कीमत
₹199 · GST शामिल
स्टाम्प ड्यूटी
एक सामान्य शपथपत्र, जो पंजाब पर लागू भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-क के अनुच्छेद 4 (शपथपत्र) के अंतर्गत, तथा संघ राज्यक्षेत्र चंडीगढ़ पर लागू उस अनुसूची की तत्संगत प्रविष्टि के अंतर्गत, प्रभार्य है — सामान्यतः एक छोटा निर्धारित मूल्य, प्रायः ₹10, गैर-न्यायिक स्टांप पेपर या ई-स्टांप प्रमाणपत्र पर।
रजिस्ट्री
यह शपथपत्र स्वयं कुछ भी रजिस्टर नहीं करता — यह उस आवेदन का समर्थन करता है जिससे मृत्यु, जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 के अंतर्गत रखे गए रजिस्टर में दर्ज होती है।
गवाह
शपथपत्र के लिए स्वयं अनिवार्य नहीं।

₹199

GST शामिल

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इन नामों से भी

  • Affidavit for Late Registration of Death
  • Delayed Registration of Death Affidavit
  • Section 13 Affidavit
  • विलंबित मृत्यु पंजीकरण शपथ पत्र
  • देरी से मृत्यु पंजीकरण हलफनामा
  • ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਮੌਤ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਹਲਫ਼ਨਾਮਾ

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

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क्यों ज़रूरत पड़ती है

कब ज़रूरत पड़ती है

A death was not registered within the twenty-one days the Registration of Births and Deaths Act, 1969 ordinarily allows, and a delayed registration application needs a sworn affidavit to go with it — the Act itself requires one once the delay passes thirty days. Between thirty days and one year after the death, this affidavit accompanies an application for the Registrar's written permission to register it, together with the prescribed fee. Beyond one year, it accompanies an application to a Magistrate of the First Class, who alone can order registration at that point, after verifying the death. Confirm which of the two bands applies to your dates before filling this in, and expect the Registrar or the Magistrate to ask for independent proof of death — a hospital record, a doctor's certificate, a cremation or burial receipt — alongside this affidavit, not in place of it. Not for a death you can still register within the ordinary twenty-one days, or within thirty days on payment of a late fee alone — neither needs this affidavit.

स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

एक सामान्य शपथपत्र, जो पंजाब पर लागू भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1-क के अनुच्छेद 4 (शपथपत्र) के अंतर्गत, तथा संघ राज्यक्षेत्र चंडीगढ़ पर लागू उस अनुसूची की तत्संगत प्रविष्टि के अंतर्गत, प्रभार्य है — सामान्यतः एक छोटा निर्धारित मूल्य, प्रायः ₹10, गैर-न्यायिक स्टांप पेपर या ई-स्टांप प्रमाणपत्र पर। ख़रीदने से पहले स्टांप विक्रेता से वर्तमान मूल्य की पुष्टि कर लें।

रजिस्ट्री

यह शपथपत्र स्वयं कुछ भी रजिस्टर नहीं करता — यह उस आवेदन का समर्थन करता है जिससे मृत्यु, जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 के अंतर्गत रखे गए रजिस्टर में दर्ज होती है। मृत्यु के तीस दिन से एक वर्ष के बीच, वह आवेदन उक्त अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (2) के अंतर्गत लिखित अनुमति के लिए रजिस्ट्रार के पास जाता है; एक वर्ष से अधिक होने पर, वह उपधारा (3) के अंतर्गत आदेश के लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के पास जाता है। दोनों ही स्थितियों में, प्रविष्टि हो जाने पर रजिस्ट्रार द्वारा जारी किया गया मृत्यु प्रमाणपत्र — न कि यह शपथपत्र — वह दस्तावेज़ है जो बाद में प्राधिकारी माँगते हैं।

नोटरी

तीस दिन से एक वर्ष के बीच की देरी के लिए, जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13(2) स्वयं यह अपेक्षा करती है कि यह शपथपत्र नोटरी पब्लिक या राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन हेतु प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष किया जाए — यह वैकल्पिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वह शर्त है जो अधिनियम उस अनुमति से संलग्न करता है। एक वर्ष से अधिक की देरी में, धारा 13(3) के पाठ में स्वयं ऐसी कोई अपेक्षा नहीं दिखाई देती, परंतु मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन के समर्थन में नोटरीकृत शपथपत्र मानक व्यवहार है। हस्ताक्षर केवल अनुप्रमाणक अधिकारी की उपस्थिति में करें।

गवाह

शपथपत्र के लिए स्वयं अनिवार्य नहीं। रजिस्ट्रार या मजिस्ट्रेट सामान्यतः मृत्यु का स्वतंत्र प्रमाण भी चाहेंगे — अस्पताल का डिस्चार्ज सारांश, चिकित्सक का प्रमाणपत्र, या श्मशान अथवा क़ब्रिस्तान की रसीद — जिसके साथ यह शपथपत्र संलग्न होता है, न कि जिसका यह स्थान लेता है।

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AFFIDAVIT FOR DELAYED REGISTRATION OF DEATH

I, Sukhwinder Kaur, son of the deceased named below, resident of House No. 55, Guru Nanak Nagar, Jalandhar 144001, do hereby solemnly affirm and declare as under:

  1. That I am the deponent above named and am competent to swear this affidavit.
  1. That Gurmail Singh, son/daughter/wife/husband of Late Sh. Ajit Singh, aged about 74 years, last resident of House No. 55, Guru Nanak Nagar, Jalandhar 144001, died on 1 April 2026 at Civil Hospital, Jalandhar.
  1. That the fact of death is evidenced by a hospital death summary or discharge certificate

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