कागज़ात

बयाना (अग्रिम राशि) लौटाने का क़ानूनी नोटिस

एक नज़र में

कीमत
हमेशा मुफ़्त।
स्टाम्प ड्यूटी
पंजाब या चंडीगढ़ में कोई स्टांप शुल्क नहीं — भुगतान, पालन या किसी कार्य को रोकने की माँग करने वाली सूचना संपत्ति में कोई अधिकार सृजित, हस्तांतरित या समाप्त नहीं करती, और भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 के अंतर्गत यह प्रभार्य लिखत नहीं है।
रजिस्ट्री
पंजाब या चंडीगढ़ में पंजीकरण योग्य नहीं — रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 संपत्ति में हित सृजित या हस्तांतरित करने वाले लिखतों तक पहुँचती है, किसी एकपक्षीय माँग तक नहीं।
गवाह
पंजाब या चंडीगढ़ में किसी की आवश्यकता नहीं — यह एकपक्षीय सूचना है, ऐसा लिखत नहीं जिस पर दो पक्ष हस्ताक्षर करते हों।

मुफ़्त

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इन नामों से भी

  • bayana wapsi notice
  • earnest money refund notice
  • advance refund notice for property
  • token money return notice
  • bayana lautane ka notice
  • बयाना वापसी का नोटिस
  • अग्रिम राशि लौटाने का नोटिस
  • ਬਿਆਨਾ ਵਾਪਸੀ ਦਾ ਨੋਟਿਸ

दस्तावेज़ ख़ुद अंग्रेज़ी में है। भारत में इस तरह के काग़ज़ आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही बनते हैं, और रजिस्ट्रार, बैंक या अदालत में वही शब्द पढ़े जाते हैं जो लिखे गए हैं। जिन दस्तावेज़ों के हिन्दी अनुवाद को हम जाँचकर स्वीकृत कर देते हैं, उनके लिए यह मंच अंग्रेज़ी के साथ वह अनुवाद भी देता है; अनुवाद और अंग्रेज़ी पाठ में अंतर होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही मान्य होगा।

कब ज़रूरत पड़ती है

इसका उपयोग तब करें जब आपने संपत्ति ख़रीदने के लिए बयाना (अग्रिम राशि) अदा की हो, आपकी किसी ग़लती के बिना बिक्री आगे न बढ़ी हो, और विक्रेता पैसा लौटाने से इनकार करे। सूचना भुगतान दर्ज करती है, बताती है कि बिक्री क्यों विफल हुई, तय अवधि में ब्याज सहित पैसे की माँग करती है, और चेताती है कि आप उसके लिए वाद दायर करेंगे।

और पढ़ें

यह विक्रेता के इस सामान्य उत्तर का भी जवाब देती है कि बयाना ज़ब्त हो चुका है। यह विक्रेता पर बिक्री पूरी करने का दबाव डालने के लिए नहीं है — उसके लिए विनिर्दिष्ट अनुपालन का क़ानूनी नोटिस उपयोग करें। यह बयाना वापसी पत्र नहीं है, जो पहले ही लौटाई गई या लौटाने पर सहमत राशि दर्ज करता है। यह उस विक्रेता के लिए नहीं है जो ख़रीदार के पीछे हटने पर बयाना ज़ब्त कर रहा हो — बयाना ज़ब्ती की सूचना देखें। भेजने से पहले पढ़ें: यदि बिक्री आपकी अपनी चूक के कारण विफल हुई, जैसे समय पर पैसे का प्रबंध न करना, तो विक्रेता बयाने का कुछ भाग रखने का हक़दार हो सकता है। ऐसा कारण न लिखें जिसे आप सिद्ध न कर सकें।

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

इसे भरना शुरू कीजिए
स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

पंजाब या चंडीगढ़ में कोई स्टांप शुल्क नहीं — भुगतान, पालन या किसी कार्य को रोकने की माँग करने वाली सूचना संपत्ति में कोई अधिकार सृजित, हस्तांतरित या समाप्त नहीं करती, और भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 के अंतर्गत यह प्रभार्य लिखत नहीं है। सादा काग़ज़ या अधिवक्ता का लेटरहेड पर्याप्त है; इस प्रकार के दस्तावेज़ के लिए कोई ई-स्टांप नहीं होता।

रजिस्ट्री

पंजाब या चंडीगढ़ में पंजीकरण योग्य नहीं — रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 संपत्ति में हित सृजित या हस्तांतरित करने वाले लिखतों तक पहुँचती है, किसी एकपक्षीय माँग तक नहीं। कोई सब-रजिस्ट्रार इस प्रकार का दस्तावेज़ स्वीकार नहीं करता।

नोटरी

पंजाब या चंडीगढ़ में आवश्यक नहीं — सूचना को नोटरीकृत करने से इसके प्रभाव में कुछ नहीं जुड़ता। जो महत्वपूर्ण है वह यह प्रमाण है कि यह प्राप्तकर्ता तक पहुँची: पंजीकृत-डाक रसीद और पावती कार्ड, कूरियर ट्रैकिंग, या हाथों-हाथ डिलीवरी की हस्ताक्षरित पावती। इन्हें फ़ाइल के साथ सुरक्षित रखें।

गवाह

पंजाब या चंडीगढ़ में किसी की आवश्यकता नहीं — यह एकपक्षीय सूचना है, ऐसा लिखत नहीं जिस पर दो पक्ष हस्ताक्षर करते हों। गवाह केवल तभी महत्वपूर्ण हैं जब सूचना हाथों-हाथ दी जाए (प्राप्त करने वाले का नाम, हस्ताक्षर और तारीख़ लें) या प्राप्तकर्ता न मिलने के कारण चस्पा की जाए (दो स्वतंत्र गवाह, कहाँ और कब चस्पा की गई इसका नोट, और तस्वीरें)।

स्टाम्प पेपर का अनुरोध करें

Sample preview — placeholder answers, not your data

LEGAL NOTICE FOR RETURN OF BAYANA

Demanding that a seller repay the earnest money paid for a property sale that has not gone ahead.

Date: 3 April 2026

TO:
Suresh Kumar
SCO 42, Sector 34-A, Chandigarh 160022
And also at: X

FROM:
Ramesh Kumar
House No. 214, Sector 15-A, Chandigarh 160015
Phone: 98765 43210
Email: ramesh.kumar@example.com

SUBJECT: Demand for return of bayana of ₹5,00,000 (Rupees Five Lakh only) paid on 2 April 2026 for House No. 1234, Sector 21-C, Chandigarh, measuring 10 marla

Dear Sir / Madam,

1. THE PAYMENT

1.1 On 2 April 2026 the Sender paid ₹5,00,000 (Rupees Five Lakh only) to the Recipient by cheque no. 004512 drawn on State Bank of India as bayana (earnest money) towards the purchase of House No. 1234, Sector 21-C, Chandigarh, measuring 10 marla (the Property), under the agreement dated 1 April 2026 (the Agreement).

2. WHY THE SALE HAS NOT GONE AHEAD

2.1 The sale has not gone ahead because the Recipient has refused or failed to sign the sale deed.

2.2 The Recipient was asked on 3 July and 15 July 2026 to fix a date for the sale deed and did not respond. On 28 July 2026 the Recipient said the Property had been sold to another buyer.

2.3 The Sender is not in breach of the Agreement and is not responsible for the sale failing.

3. THE DEMAND

3.1 The Sender calls upon the Recipient to repay ₹5,00,000 (Rupees Five Lakh only) to the Sender, by account payee cheque or bank transfer, within 15 days of receipt of this notice.

3.2 The Sender also claims interest on that sum at 12 per cent a year from 2 April 2026 until it is repaid.

3.3 The Recipient has no right to keep the money. Even where an agreement allows bayana to be forfeited, the law allows a party to keep no more than reasonable compensation for loss actually caused (Section 74, Indian Contract Act, 1872), and the Sender is not the party in default.

4. IF THE RECIPIENT DOES NOT PAY

4.1 If the money is not repaid within that time, the Sender will file a civil suit against the Recipient for recovery of ₹5,00,000 (Rupees Five Lakh only) with interest and costs, and will claim any other relief the Agreement and the law allow.

4.2 Nothing in this notice, and no part-payment accepted by the Sender, waives any right or remedy of the Sender.

5. SERVICE OF THIS NOTICE

5.1 This notice is served by registered post with acknowledgement due. A notice properly addressed, pre-paid and posted is presumed to have been served in the ordinary course of post (Section 27, General Clauses Act, 1897). Refusal to accept delivery will be treated as service.

This notice is issued through Simran Kaur, Advocate, of Chamber No. 88, District Courts, Sector 43, Chandigarh. A reply may be sent to the Advocate as well as to the Sender.

6. JURISDICTION AND REPLY

इस दस्तावेज़ के साथ अक्सर ये भी चाहिए

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