फ़ॉर्म 31: मृत मालिक के नामिनी या उत्तराधिकारी के नाम मालिकी ट्रांसफ़र
जब पंजीकृत मालिक की मृत्यु हो जाए, तो मालिक द्वारा नामित व्यक्ति, या वाहन का कब्ज़ा पाने वाला व्यक्ति, मालिकी अपने नाम कराने के लिए रजिस्टरिंग अथॉरिटी (आरटीओ) को फ़ॉर्म 31 में आवेदन करता है। वाहन किराया-ख़रीद, लीज़ या हाइपोथिकेशन के समझौते में हो तो फ़ॉर्म दो प्रतियों में बनता है। इसके साथ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट लगाया जाता है।
जारी करने वाला: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (परिवहन), केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत
फ़ॉर्म ख़ुद अंग्रेज़ी में है, ठीक वैसा ही जैसा जारी करने वाला दफ़्तर छापता है।
इसे कैसे भरें
- रजिस्टरिंग अथॉरिटी के आगे उस आरटीओ का नाम लिखें जहाँ वाहन पंजीकृत है। लोन चल रहा हो तो दो प्रतियाँ बनाएँ।
- बिंदु 1: वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, मेक और मॉडल, चेसिस नंबर, इंजन या मोटर नंबर और वाहन का प्रकार, रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट से उतारकर।
- बिंदु 2 से 4: मृत पंजीकृत मालिक का नाम; नामिनी या वाहन का कब्ज़ा पाने वाले का नाम और उम्र, "son/wife/daughter of" (पुत्र/पत्नी/पुत्री) के साथ; और मृत मालिक से रिश्ता।
- बिंदु 5 और 6: नामांकन या उत्तराधिकार का सबूत (जो लगा रहे हैं वह लिखें), और नए मालिक का मोबाइल नंबर।
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट साथ लगाएँ, तारीख़ लिखें और आवेदक के रूप में दस्तख़त करें। लोन हो तो फ़ाइनेंसर "Consent of the financier" वाला ख़ाना पूरे नाम और पते के साथ भरता है और दस्तख़त करता है। "Office Endorsement" और नमूना दस्तख़त वाले ख़ाने आरटीओ के लिए छोड़ दें।