कागज़ात

वकालतनामा (अधिवक्ता की नियुक्ति)

एक नज़र में

कीमत
हमेशा मुफ़्त।
स्टाम्प ड्यूटी
पंजाब और चंडीगढ़: वकालतनामे पर एक लिखत के रूप में कोई स्टांप शुल्क पुष्ट नहीं हुआ है, परंतु कुछ न्यायालय उस पर कल्याण-निधि का स्टांप या शुल्क माँगते हैं, और कोर्ट-फ़ीस की स्थिति न्यायालय के अनुसार भिन्न हो सकती है; राशि पुष्ट नहीं हुई है, इसलिए वकालतनामा प्रस्तुत करने से पहले न्यायालय के फाइलिंग काउंटर पर पुष्टि करें।
रजिस्ट्री
पंजाब और चंडीगढ़: रजिस्ट्रेशन-योग्य नहीं।
गवाह
पंजाब और चंडीगढ़: कोई अनुप्रमाणित साक्षी हस्ताक्षर नहीं करता।

मुफ़्त

हमेशा मुफ़्त।

मुफ़्त: एक दिन में 5 दस्तावेज़ तक।

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इन नामों से भी

  • vakalat
  • power of attorney to advocate
  • advocate appointment
  • memo of appearance
  • वकालतनामा
  • ਵਕਾਲਤਨਾਮਾ

दस्तावेज़ ख़ुद अंग्रेज़ी में है। भारत में इस तरह के काग़ज़ आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही बनते हैं, और रजिस्ट्रार, बैंक या अदालत में वही शब्द पढ़े जाते हैं जो लिखे गए हैं। जिन दस्तावेज़ों के हिन्दी अनुवाद को हम जाँचकर स्वीकृत कर देते हैं, उनके लिए यह मंच अंग्रेज़ी के साथ वह अनुवाद भी देता है; अनुवाद और अंग्रेज़ी पाठ में अंतर होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही मान्य होगा।

कब ज़रूरत पड़ती है

आप पंजाब या चंडीगढ़ के किसी न्यायालय में किसी मामले के पक्षकार हैं और चाहते हैं कि कोई अधिवक्ता आपकी ओर से उपस्थित हो और कार्य करे। जब तक आप वकालतनामे पर हस्ताक्षर नहीं करते, अधिवक्ता आपकी ओर से उपस्थित नहीं हो सकता; अधिवक्ता उसे मामले में, प्रायः पहली सुनवाई पर, दाख़िल करता है।

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इसमें न्यायालय और मामला, आप और अधिवक्ता, और अधिवक्ता क्या कर सकता है, यह दिया है: उपस्थित होना और पैरवी करना, काग़ज़ात पर हस्ताक्षर करना और उन्हें दाख़िल करना, साक्षियों को प्रस्तुत करना और उनकी परीक्षा करना, नोटिस और आदेश प्राप्त करना, न्यायालय में धन जमा करना और प्राप्त करना, और प्रतिनिधि नियुक्त करना। वापसी, समझौते या मध्यस्थता का निर्णय आपकी लिखित सहमति के लिए रखा गया है। इसमें दर्ज है कि शुल्क आपके बीच तय है, बुलाए जाने पर आप उपस्थित होंगे, और अधिवक्ता परिणाम का वचन नहीं दे सकता। न्यायालय के काग़ज़ात प्रायः अधिवक्ता के माध्यम से दाख़िल किए जाते हैं; यह वह काग़ज़ है जो इसे संभव बनाता है। न्यायालय से संबंधित स्टांप या कल्याण-निधि शुल्क फाइलिंग काउंटर पर तय करें। एक वकालतनामा एक मामले के लिए है; यदि आप सीमित विकल्प चुनें तो अलग मामले या अपील के लिए नया हस्ताक्षर करें। यह सामान्य मुख़्तारनामा नहीं है (लाइब्रेरी के मुख़्तारनामे देखें) और मामले के बाहर आपकी सम्पत्ति पर अधिवक्ता को कोई अधिकार नहीं देता।

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

इसे भरना शुरू कीजिए
स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

पंजाब और चंडीगढ़: वकालतनामे पर एक लिखत के रूप में कोई स्टांप शुल्क पुष्ट नहीं हुआ है, परंतु कुछ न्यायालय उस पर कल्याण-निधि का स्टांप या शुल्क माँगते हैं, और कोर्ट-फ़ीस की स्थिति न्यायालय के अनुसार भिन्न हो सकती है; राशि पुष्ट नहीं हुई है, इसलिए वकालतनामा प्रस्तुत करने से पहले न्यायालय के फाइलिंग काउंटर पर पुष्टि करें। न्यायालय के काग़ज़ात प्रायः अधिवक्ता के माध्यम से दाख़िल किए जाते हैं; आप स्वयं भी दाख़िल कर सकते हैं, और यदि अधिवक्ता आपकी ओर से दाख़िल करे तो अधिवक्ता का नाम और पता (वैकल्पिक) भरें।

रजिस्ट्री

पंजाब और चंडीगढ़: रजिस्ट्रेशन-योग्य नहीं। यह न्यायालय के अपने रजिस्ट्री कार्यालय में दाख़िल किया जाता है, मामले के अभिलेख का भाग बन जाता है, और यह ऐसा दस्तावेज़ नहीं है जिस तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 पहुँचता हो।

नोटरी

पंजाब और चंडीगढ़: नोटरी की आवश्यकता नहीं। मुवक्किल हस्ताक्षर करता है, और अधिवक्ता हस्ताक्षर करके इसे स्वीकार करता है। कुछ न्यायालय अपेक्षा करते हैं कि अधिवक्ता मुवक्किल के हस्ताक्षर की पहचान कराए; मुवक्किल फ़ोटो पहचान-पत्र साथ रखे।

गवाह

पंजाब और चंडीगढ़: कोई अनुप्रमाणित साक्षी हस्ताक्षर नहीं करता। पक्षकार के हस्ताक्षर और, जहाँ अधिवक्ता दाख़िल करे, अधिवक्ता के हस्ताक्षर ही पूरी औपचारिकता हैं।

स्टाम्प पेपर का अनुरोध करें

Sample preview — placeholder answers, not your data

IN THE COURT OF THE COURT OF THE CIVIL JUDGE (JUNIOR DIVISION), LUDHIANA

Civil Suit No. 1204 of 2026

Manjit Kaur versus Ravinder Singh

VAKALATNAMA

I, Manjit Kaur, wife of Balbir Singh, aged 58, of House No. 221, Street No. 4, Gurdev Nagar, Ludhiana 141001, the plaintiff in the above matter, appoint Amandeep Kaur Sidhu, Advocate, of Chamber No. 42, District Courts, Ludhiana, enrolment No. P/1234/2012 (the Advocate), to act for me in the case named above, in this court only, and I authorise the Advocate:

  1. 1. to appear, act and plead for me, and to sign and file pleadings, petitions, applications, replies, affidavits and other papers on my behalf;
  1. 2. to produce and examine witnesses, and to inspect, take and return documents;
  1. 3. to receive notices and summonses, and to obtain copies of orders;
  1. 4. to deposit money in court and to receive money from the court on my account, and to give receipts for it;
  1. 5. to engage another advocate to act in the Advocate's place when the Advocate cannot attend, with the same powers; and
  1. 6. to do whatever else is lawfully needed for the conduct of the matter, but not to withdraw it, compromise it or refer it to arbitration without my written consent.

I agree that I will pay the Advocate's fee as settled between us (as agreed in writing between us on 1 October 2026), and that I will attend the court whenever I am called upon. I ratify what the Advocate lawfully does for me in the matter. I understand that the Advocate cannot promise the result of the case.

Place: Ludhiana

Date: 1 April 2026

CLIENT

ACCEPTED

I accept this appointment.

ADVOCATE: Amandeep Kaur Sidhu

LEGAL BASIS

Punjab: A party is represented in court by an advocate whom the party appoints by signing a vakalatnama, which the advocate files in the case, ordinarily at the first appearance. The vakalatnama is signed by the party and accepted by the advocate. Some courts ask for a welfare-fund stamp or fee on the vakalatnama; the amount and whether it applies to a given court have not been confirmed, so ask at the filing counter.

Chandigarh: The same applies in the courts at Chandigarh. A vakalatnama filed in the Punjab and Haryana High Court follows that court's own rules of practice, which have not been checked here.

PERSONAL DATA NOTICE

This notice is given under the Digital Personal Data Protection Act, 2023.

The purpose of collecting the personal data in this document is to identify the client and the advocate and to record the appointment and its extent, so that the advocate can appear and act in the case.

The record will be held by Kuldip Singh Sandhu and may be shared with the client, the advocate and the advocate's staff, and the court in which the vakalatnama is filed.

If the matter does not proceed, the personal data will be retained for 90 days and then erased. If the matter proceeds, the record will be retained for the transaction or authority matter plus 12 months, except where a statute requires a longer named retention period.

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