ई-स्टाम्प आवेदन फ़ॉर्म, पंजाब (SHCIL फ़ॉर्म 4)
पंजाब में स्टाम्प पेपर अब ई-स्टाम्प सर्टिफ़िकेट के रूप में मिलता है। आप यह फ़ॉर्म भरते हैं, किसी अधिकृत ई-स्टाम्प केंद्र (बैंक, SHCIL दफ़्तर या अधिकृत कलेक्शन सेंटर) पर स्टाम्प ड्यूटी जमा करते हैं, और केंद्र आपके लिए ई-स्टाम्प सर्टिफ़िकेट प्रिंट कर देता है।
जारी करने वाला: स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लि. (SHCIL), पंजाब सरकार के लिए, पंजाब ई-स्टाम्प नियम, 2014 के तहत
फ़ॉर्म ख़ुद अंग्रेज़ी में है, ठीक वैसा ही जैसा जारी करने वाला दफ़्तर छापता है।
इसे कैसे भरें
- फ़ॉर्म के ऊपर: तारीख़ लिखें। "ACC Name and ID" ई-स्टाम्प केंद्र का अपना नाम और कोड है, पता न हो तो काउंटर पर पूछ लें।
- "Document Description" (दस्तावेज़ का विवरण): जिस दस्तावेज़ के लिए स्टाम्प पेपर चाहिए, उसका प्रकार लिखें, जैसे इक़रारनामा, शपथ-पत्र या किराया समझौता। काउंटर पर इसे अंग्रेज़ी में लिखना आसान रहता है।
- "Stamp Duty", "Social Infrastructure Cess" और "Total Stamp Duty": रक़म रुपयों में, पूरे रुपये तक राउंड करके। हमारा मुफ़्त स्टाम्प पेपर वैल्यू फ़ाइंडर और स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर यह निकालने में मदद कर सकते हैं।
- "Property Description / Property Address" (प्रॉपर्टी का विवरण और पता): ज़्यादा से ज़्यादा 100 अक्षरों में लिखें। अगर दस्तावेज़ में कोई क़ीमत या रक़म तय हुई है, तो उसे "Consideration Amount" वाले ख़ाने में लिखें।
- "Area of Property": सिर्फ़ एक इकाई भरें (एकड़, कनाल, मरला, बीघा, वर्ग फ़ुट, वर्ग गज़ या वर्ग मीटर), या कोई प्रॉपर्टी न हो, जैसे शपथ-पत्र में, तो "Not Applicable" पर टिक करें।
- पहली पार्टी, दूसरी पार्टी और ख़रीदार: हर नाम और पता ज़्यादा से ज़्यादा 50 अक्षरों में, फ़ोन नंबर के साथ। फिर टिक करें कि स्टाम्प ड्यूटी कौन दे रहा है।
- "Mode of Payment": नक़द, चेक, डीडी, पे-ऑर्डर, NEFT, RTGS या खाता ट्रांसफ़र पर टिक करें। चेक, डीडी या ट्रांसफ़र के लिए बैंक, ब्रांच और नंबर भरें। नक़द के लिए नोटों की तालिका भरें। रक़म शब्दों में लिखें।
- घोषणा: नए ई-स्टाम्प सर्टिफ़िकेट के लिए (i) पर टिक करें, या पुराने सर्टिफ़िकेट के आगे अतिरिक्त सर्टिफ़िकेट के लिए (ii) पर (तब उसका नंबर और तारीख़ लिखें)। साइन करें और तारीख़ डालें। "For Office use only" वाले ख़ाने ख़ाली छोड़ दें।
- केंद्र जो प्रीव्यू दिखाए, उस पर साइन करने से पहले हर जानकारी जाँच लें। ई-स्टाम्प बनने के बाद कुछ भी बदला नहीं जा सकता, और केंद्र इसे रद्द या रिफ़ंड नहीं कर सकता। ख़राब या इस्तेमाल न हुए ई-स्टाम्प का रिफ़ंड पंजाब ई-स्टाम्प नियम, 2014 के तहत ज़िला कलेक्टर से माँगा जाता है। फ़ॉर्म के नीचे वाली रसीद संभाल कर रखें।