फ़ॉर्म 30: वाहन की मालिकी बदलने का आवेदन (ख़रीदार)

जब आप पुरानी कार, बाइक या स्कूटर ख़रीदते हैं, तो रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट में मालिकी आपके नाम दर्ज कराने का तरीक़ा फ़ॉर्म 30 है। भाग I विक्रेता (ट्रांसफ़रर) के लिए और भाग II आपके, यानी ख़रीदार (ट्रांसफ़री) के लिए है। इसे रजिस्टरिंग अथॉरिटी (आरटीओ) में जमा करें, अक्सर परिवहन की वाहन सेवा के ज़रिए ऑनलाइन। पंजाब और चंडीगढ़ में इसका बहुत-सा काम ऑनलाइन होता है, और छपा फ़ॉर्म अपलोड किया जाता है या साथ ले जाया जाता है।

जारी करने वाला: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (परिवहन), केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के तहत

फ़ॉर्म ख़ुद अंग्रेज़ी में है, ठीक वैसा ही जैसा जारी करने वाला दफ़्तर छापता है।

इसे कैसे भरें

  1. अगर वाहन पर लोन है तो दो प्रतियाँ बनाएँ। "The Registering Authority" के आगे उस आरटीओ का नाम लिखें जहाँ ख़रीदार रहता है।
  2. भाग I, विक्रेता भरे: "Name of the transferor" (विक्रेता का नाम), माता-पिता या जीवनसाथी का नाम और पूरा पता।
  3. भाग I: बिक्री की तारीख़, वाहन का "registration mark" (उसका नंबर), और ख़रीदार का नाम, पिता/पति का नाम और पूरा पता।
  4. भाग I: "No Objection Certificate" वाली दो पंक्तियों में से जो लागू न हो उसे काट दें। अगर एनओसी साथ लगा रहे हैं तो नत्थी करें। नहीं तो विक्रेता को फ़ॉर्म में बताई घोषणा जमा करनी होती है। फिर विक्रेता तारीख़ के साथ दस्तख़त करे।
  5. भाग II, ख़रीदार भरे: "Name of the transferee" (ख़रीदार का नाम), माता-पिता या जीवनसाथी का नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और पूरा पता। पते का सबूत साथ लगाना ज़रूरी है।
  6. भाग II: वाहन के नॉमिनी का नाम और आपसे उसका रिश्ता लिखें, फिर ख़रीदने की तारीख़, रजिस्ट्रेशन नंबर, और विक्रेता का नाम व पूरा पता।
  7. रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट और बीमा सर्टिफ़िकेट साथ लगाएँ, फिर तारीख़ के साथ दस्तख़त या अँगूठे का निशान लगाएँ। अगर लोन जारी रहता है तो फ़ाइनेंसर पृष्ठ 2 की सहमति पर दस्तख़त करता है। "Office Endorsement" ख़ाली छोड़ें।

अगला क़दम

हमने अपनी शर्तें अपडेट की हैं

कृपया नीचे दिए अपडेटेड दस्तावेज़ पढ़ें और एक बार स्वीकार करें, ताकि आप दस्तावेज़ ले जा सकें और किट ख़रीद सकें। दस्तावेज़ देखना, भरना और पूर्वावलोकन करना पहले की तरह चलता रहेगा।