कागज़ात

ज़िला आयोग में उपभोक्ता शिकायत

एक नज़र में

कीमत
हमेशा मुफ़्त।
स्टाम्प ड्यूटी
पंजाब और चंडीगढ़: शिकायत पर कोई स्टांप शुल्क नहीं लगता।
रजिस्ट्री
पंजाब और चंडीगढ़: पंजीकरण-योग्य नहीं।
गवाह
पंजाब और चंडीगढ़: शिकायत या शपथ-पत्र पर कोई गवाह हस्ताक्षर नहीं करता।

मुफ़्त

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इन नामों से भी

  • consumer complaint
  • consumer court complaint
  • consumer forum complaint
  • complaint under Consumer Protection Act
  • district consumer disputes redressal commission complaint
  • e-Daakhil complaint
  • upbhokta shikayat
  • khapatkar adalat

दस्तावेज़ ख़ुद अंग्रेज़ी में है। भारत में इस तरह के काग़ज़ आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही बनते हैं, और रजिस्ट्रार, बैंक या अदालत में वही शब्द पढ़े जाते हैं जो लिखे गए हैं। जिन दस्तावेज़ों के हिन्दी अनुवाद को हम जाँचकर स्वीकृत कर देते हैं, उनके लिए यह मंच अंग्रेज़ी के साथ वह अनुवाद भी देता है; अनुवाद और अंग्रेज़ी पाठ में अंतर होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही मान्य होगा।

कब ज़रूरत पड़ती है

इसका उपयोग ज़िला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में उपभोक्ता शिकायत दायर करने के लिए करें जब आपके ख़रीदे सामान में दोष था, या आपकी चुकाई सेवा में कमी थी, और विक्रेता या प्रदाता ने उसे ठीक नहीं किया। काग़ज़ हैं: शिकायत स्वयं, जिसमें वाद-शीर्षक, सूची, क्रमांकित पैराग्राफ़, प्रार्थना और सत्यापन हैं, और समर्थन में शपथ-पत्र।

और पढ़ें

उपभोक्ता शिकायतें आमतौर पर अधिवक्ता के माध्यम से दायर होती हैं, जो शिकायत पर हस्ताक्षर करता और सुनवाइयों में उपस्थित होता है, पर उपभोक्ता स्वयं भी दायर और उपस्थित हो सकता है, और शिकायत ई-दाख़िल पोर्टल पर ऑनलाइन या आयोग के पंजीयन कार्यालय में दायर की जा सकती है। प्रश्नों के उत्तर अपने बिल, संदेशों और पहले के नोटिस से दें। कौन-सा आयोग सुन सकता है, यह चुकाए गए सामान या सेवा के मूल्य और इस पर निर्भर है कि विपक्षी पक्ष कहाँ काम करता है या आप कहाँ रहते हैं; सीमाएँ, शुल्क और दायर करने का तरीक़ा बदलते रहने वाले नियमों से तय होते हैं, इसलिए दायर करने से पहले आयोग के पंजीयन कार्यालय या पोर्टल से पुष्टि करें। शिकायत वाद-कारण के दो वर्ष के भीतर दायर होनी चाहिए। शपथ-पत्र नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष शपथबद्ध होना चाहिए। इससे पहले दोषपूर्ण वस्तु या सेवा की कमी का नोटिस देना सामान्य है। चिकित्सा उपचार, बैंक, उड़ान या दूरसंचार सेवा के विवाद के लिए नहीं, जहाँ छोटा रास्ता उपलब्ध हो: इस खंड के अन्य शिकायत दस्तावेज़ देखें।

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

इसे भरना शुरू कीजिए
स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

पंजाब और चंडीगढ़: शिकायत पर कोई स्टांप शुल्क नहीं लगता। दायर करते समय एक शुल्क देय है, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अधीन बने नियमों से तय होता है और चुकाए गए प्रतिफल के मूल्य के अनुसार श्रेणीबद्ध है; इस दस्तावेज़ में कोई आँकड़ा नहीं दिया गया क्योंकि वह बदलता रहता है, इसलिए आयोग के पंजीयन कार्यालय या ई-दाख़िल पोर्टल से पुष्टि करें। शपथ-पत्र पर आवश्यक स्टांप की भी पंजीयन कार्यालय में पुष्टि की जाती है।

रजिस्ट्री

पंजाब और चंडीगढ़: पंजीकरण-योग्य नहीं। आयोग में शिकायत एक कार्यवाही है और अचल संपत्ति में कोई अधिकार नहीं बनाती या हस्तांतरित करती, इसलिए पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17(1)(b) इस पर लागू नहीं होती।

नोटरी

पंजाब और चंडीगढ़: समर्थन में शपथ-पत्र नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष शपथबद्ध या अभिपुष्ट होता है। शिकायत में शिकायतकर्ता का अपना सत्यापन होता है और उस पर शिकायतकर्ता या अधिवक्ता हस्ताक्षर करता है।

गवाह

पंजाब और चंडीगढ़: शिकायत या शपथ-पत्र पर कोई गवाह हस्ताक्षर नहीं करता। गवाहों की यदि ज़रूरत हो तो वे आयोग के सामने साक्ष्य देते हैं।

स्टाम्प पेपर का अनुरोध करें

Sample preview — placeholder answers, not your data

BEFORE THE DISTRICT CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION, Ludhiana

Consumer Complaint No. __________ of __________ (to be filled in by the Commission's registry)

Gurpreet Singh Dhillon, son of Sh. Harbans Singh Dhillon, resident of House No. 88, Urban Estate Phase 2, Patiala 147002 (email gurpreet.dhillon@example.com, telephone +91 98150 47731) ... Complainant

VERSUS

Bajwa Furniture House, Shop 12, Leela Bhawan Market, Patiala 147001; and Zenith Home Appliances Pvt Ltd, 14 Industrial Area, Phase 2, Chandigarh 160002, the manufacturer ... Opposite Party

Through counsel: Tejinder Pal Singh, Chamber No. 14, District Courts, Ludhiana 141001

INDEX

  1. 1. Consumer complaint under section 35 of the Consumer Protection Act, 2019
  2. 2. Affidavit in support of the complaint
  3. 3. List of documents relied on, with copies
  4. 4. Vakalatnama, if the complaint is filed through an advocate

CONSUMER COMPLAINT

The Complainant respectfully states as follows:

  1. 1. The parties. The Complainant is a consumer within the meaning of the Consumer Protection Act, 2019. The Opposite Party is Bajwa Furniture House, who sold the goods or provided the service described below.
  1. 2. The transaction. The Complainant bought goods from the Opposite Party for personal use, and not for resale or any commercial purpose. On 1 April 2026 the Complainant paid ₹72,000 (Rupees Seventy Two Thousand only) by UPI transfer on 4 August 2026, against invoice No. BF/2026/932 dated 4 August 2026. A five-seater sofa set in solid sheesham wood and leatherette, delivered on 10 August 2026, sold with a ten-year frame warranty and a two-year upholstery warranty.
  1. 3. The defect or deficiency. Within three weeks the leatherette peeled off both armrests and one leg of the three-seater split along the joint, so the sofa rocks when anyone sits on it. The Complainant first noticed this on 2 April 2026.
  1. 4. What the Complainant did. I phoned the shop on 2 September 2026 and visited on 6 September 2026, when the manager promised a carpenter. No one came. I messaged on 14 and 22 September 2026, and the manager replied that the damage was caused by use. The Complainant also sent a notice, namely a notice dated 16 October 2026 sent by registered post, to which no reply was received.
  1. 5. The loss. The Complainant cannot use the sofa set, has lost working time waiting for the carpenter, and has had to borrow chairs for the household.
  1. 6. Jurisdiction. The Opposite Party carries on business or works for gain within the territorial jurisdiction of this Commission. The value of the goods or services paid for as consideration is ₹72,000 (Rupees Seventy Two Thousand only), which the Complainant submits is within the pecuniary jurisdiction of this Commission.
  1. 7. Limitation. The cause of action arose on or after 2 April 2026, and this complaint is filed within two years of it.

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