कागज़ात

मालिक की मृत्यु के बाद वाहन अंतरण (वारिस का शपथ-पत्र और अन्य वारिसों की अनापत्ति)

एक नज़र में

कीमत
हमेशा मुफ़्त।
स्टाम्प ड्यूटी
पंजाब और चंडीगढ़: शपथ-पत्र पर निश्चित, नाममात्र का स्टांप शुल्क लगता है, प्रतिशत नहीं, और यह शपथकर्ता के नाम पर स्टांप पेपर (प्रायः ई-स्टांप) पर बनता है।
रजिस्ट्री
पंजाब और चंडीगढ़: रजिस्ट्रेशन-योग्य नहीं।
गवाह
पंजाब और चंडीगढ़: शपथ-पत्र के शपथबद्ध हो जाने पर उसके लिए गवाह की आवश्यकता नहीं।

मुफ़्त

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मुफ़्त: एक दिन में 5 दस्तावेज़ तक।

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इन नामों से भी

  • RTO Form 31 affidavit
  • transfer vehicle on owner's death
  • car transfer to legal heir
  • vehicle RC transfer after death
  • heir affidavit NOC vehicle
  • gaadi naam transfer mritak maalik
  • gaadi di maut ton baad naam badli

दस्तावेज़ ख़ुद अंग्रेज़ी में है। भारत में इस तरह के काग़ज़ आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही बनते हैं, और रजिस्ट्रार, बैंक या अदालत में वही शब्द पढ़े जाते हैं जो लिखे गए हैं। जिन दस्तावेज़ों के हिन्दी अनुवाद को हम जाँचकर स्वीकृत कर देते हैं, उनके लिए यह मंच अंग्रेज़ी के साथ वह अनुवाद भी देता है; अनुवाद और अंग्रेज़ी पाठ में अंतर होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही मान्य होगा।

कब ज़रूरत पड़ती है

RTO Form 31 के साथ लगने वाले दो कागज़, जब वाहन के पंजीकृत मालिक की मृत्यु हो गई हो: वाहन लेने वाले वारिस का शपथ-पत्र, और अन्य विधिक वारिसों की अनापत्ति। Form 31 पंजीकरण प्राधिकारी (RTO) को पंजीकरण वारिस के नाम पर अंतरित करने का आवेदन है; यह दस्तावेज़ मालिक की मृत्यु और वारिसों का शपथबद्ध कथन तथा अन्य वारिसों की सहमति देता है, ताकि प्राधिकारी को यह अनुमान न लगाना पड़े कि कोई और वाहन पर दावा करता है या नहीं।

और पढ़ें

आप वाहन का पंजीकरण, मेक, चेसिस और इंजन नंबर, जैसे वे पंजीकरण प्रमाणपत्र पर हैं, पंजीकृत मालिक की मृत्यु का ब्योरा, अपना संबंध और अन्य वारिस बताते हैं। यदि अन्य वयस्क वारिस हैं, तो आप अधिकतम तीन के नाम देते हैं जो दो गवाहों के साथ अनापत्ति पर हस्ताक्षर करते हैं। बताएँ कि वाहन पर ऋण है या नहीं: यदि है, तो ऋणदाता की अनापत्ति या हाइपोथिकेशन समाप्ति अलग कागज़ है। संलग्न करने के कागज़: Form 31 स्वयं, उस रूप में जो RTO निर्धारित करे; मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र; मृत्यु प्रमाणपत्र; बीमा प्रमाणपत्र; आपके पहचान और पते के प्रमाण (आधार नंबर छिपाकर); और आपके मामले के लिए RTO जो और सूचीबद्ध करे। RTO का शुल्क और समय-सीमा उसकी अपनी है: काउंटर पर पूछें। मालिक के जीवनकाल में दिए गए वाहन के लिए नहीं (वाहन दान का शपथ-पत्र प्रयोग करें), खोए पंजीकरण प्रमाणपत्र या बीमा के लिए नहीं (डुप्लीकेट RC या बीमा का शपथ-पत्र प्रयोग करें), और ऋणदाता की मुक्ति के लिए नहीं (वाहन लोन NOC / हाइपोथिकेशन समाप्ति पत्र प्रयोग करें)। मालिक की अन्य संपत्ति के लिए 'बिना वसीयत के संपत्ति का हस्तांतरण' देखें।

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

इसे भरना शुरू कीजिए
स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

पंजाब और चंडीगढ़: शपथ-पत्र पर निश्चित, नाममात्र का स्टांप शुल्क लगता है, प्रतिशत नहीं, और यह शपथकर्ता के नाम पर स्टांप पेपर (प्रायः ई-स्टांप) पर बनता है। यह लाइब्रेरी पंजाब या चंडीगढ़ के लिए आँकड़ा नहीं बताती, और RTO की अन्य वारिसों की अनापत्ति के लिए अपनी अपेक्षा भी हो सकती है: स्टांप पेपर खरीदने से पहले RTO काउंटर और स्टांप विक्रेता से दोनों की पुष्टि कर लें।

रजिस्ट्री

पंजाब और चंडीगढ़: रजिस्ट्रेशन-योग्य नहीं। मोटर वाहन चल संपत्ति है, इसलिए रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 17 शपथ-पत्र या अनापत्ति पर लागू नहीं होती। मालिक के नाम का परिवर्तन RTO के अपने रजिस्टर में, Form 31 पर, किया जाता है।

नोटरी

पंजाब और चंडीगढ़: शपथ-पत्र नोटरी या RTO द्वारा स्वीकृत अन्य शपथ प्राधिकरण के समक्ष शपथबद्ध होता है। अनापत्ति पर प्रत्येक अन्य वारिस हस्ताक्षर करता है; RTO चाह सकता है कि हस्ताक्षर नोटरी द्वारा अनुप्रमाणित हों या वारिसों के पहचान प्रमाण देखना चाह सकता है, इसलिए काउंटर पर पूछ लें।

गवाह

पंजाब और चंडीगढ़: शपथ-पत्र के शपथबद्ध हो जाने पर उसके लिए गवाह की आवश्यकता नहीं। अनापत्ति दो गवाहों के सामने हस्ताक्षरित होती है, जिनके नाम और पते दस्तावेज़ में हैं; RTO उनके पहचान प्रमाण भी देखना चाह सकता है।

स्टाम्प पेपर का अनुरोध करें

Sample preview — placeholder answers, not your data

VEHICLE TRANSFER AFTER THE OWNER'S DEATH

Heir's affidavit and other heirs' no-objection, to go with the application for transfer of ownership on the death of the registered owner (Form 31)

To the Registering Authority: Registering and Licensing Authority, Chandigarh

Date: 2 April 2026, at X

AFFIDAVIT OF THE HEIR

I, Aarav Singh, son of Gurmeet Singh, of Sector 35, Chandigarh, state on oath as follows.

  1. 1. The vehicle. The vehicle is registered at Registering and Licensing Authority, Chandigarh under number CH 01 AB 1234, Maruti Suzuki Swift, 2019, chassis number MA3XXXXXXXXXXXXXX, engine number K12MXXXXXXX. It stood registered in the name of Harpreet Singh, the registered owner.
  1. 2. The death. Harpreet Singh died on 1 April 2026 at Chandigarh. The death certificate is DTH/2026/118, and a copy is enclosed with Form 31.
  1. 3. The legal heirs. The legal heirs of Harpreet Singh are myself, as Spouse of the registered owner, and the following: Naina Singh (widow) and Meera Singh (daughter), both at House 118, Sector 21, Chandigarh. If none, write None. There are no other legal heirs.
  1. 4. The transfer. I ask that the registration of the vehicle be transferred into my name on Form 31, which I file with this affidavit.
  1. 5. The loan. The vehicle is not under any loan or hypothecation.
  1. 6. No dispute. To my knowledge no case or dispute about the ownership of the vehicle is pending anywhere, and the vehicle has not been sold, gifted or handed to any other person since the death.
  1. 7. My undertaking. If any other person later shows a better right to the vehicle, I will answer for it and will keep the Registering Authority free from any claim made because it transferred the registration to me.

VERIFICATION

Verified at X on 2 April 2026 that the contents of this affidavit are true and correct to my knowledge and belief and that no material fact known to me has been concealed. Oath/affirmation authority: Notary Public, Chandigarh. Deponent: Aarav Singh. Telephone: +91 XXXXX XXXXX. Email: aarav@example.com.

LEGAL BASIS

Punjab: The registration of a motor vehicle on the death of its registered owner is dealt with under the Motor Vehicles Act, 1988 and the Central Motor Vehicles Rules, 1989. The person who acquires the vehicle on the owner's death applies to the Registering Authority on Form 31 to have the registration transferred into their name, and the Authority tells the applicant which papers and fee it needs. This affidavit and the no-objection are supporting papers: they do not themselves decide who inherits the vehicle, which follows the succession law of the owner (for a Hindu, the Hindu Succession Act, 1956; other communities follow their own law). The Registering Authority of the district decides the application, and an applicant who is not satisfied can go to the appellate authority named under the Act or to the Punjab and Haryana High Court. A dispute among the heirs about the vehicle is decided by the civil court.

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मालिक की मृत्यु के बाद वाहन अंतरण — प्रारूप | कागज़ात