कागज़ात

मोटर दुर्घटना दावा याचिका

एक नज़र में

कीमत
हमेशा मुफ़्त।
स्टाम्प ड्यूटी
पंजाब और चंडीगढ़: दावा अधिकरण में याचिका न्यायालयीन काग़ज़ है।
रजिस्ट्री
पंजाब और चंडीगढ़: पंजीकरण-योग्य नहीं।
गवाह
पंजाब और चंडीगढ़: याचिका पर कोई गवाह हस्ताक्षर नहीं करता।

मुफ़्त

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इन नामों से भी

  • MACT petition
  • motor accident compensation petition
  • claim petition before motor accident claims tribunal
  • road accident compensation case
  • section 166 petition
  • सड़क दुर्घटना मुआवज़ा याचिका
  • मोटर दुर्घटना दावा याचिका
  • ਸੜਕ ਹਾਦਸਾ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਪਟੀਸ਼ਨ

दस्तावेज़ ख़ुद अंग्रेज़ी में है। भारत में इस तरह के काग़ज़ आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही बनते हैं, और रजिस्ट्रार, बैंक या अदालत में वही शब्द पढ़े जाते हैं जो लिखे गए हैं। जिन दस्तावेज़ों के हिन्दी अनुवाद को हम जाँचकर स्वीकृत कर देते हैं, उनके लिए यह मंच अंग्रेज़ी के साथ वह अनुवाद भी देता है; अनुवाद और अंग्रेज़ी पाठ में अंतर होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही मान्य होगा।

कब ज़रूरत पड़ती है

इसका उपयोग तब करें जब आप किसी मोटर वाहन से जुड़ी सड़क दुर्घटना में घायल हुए हों, या आप ऐसी दुर्घटना में मरे व्यक्ति की पत्नी, पति, संतान, माता-पिता या अन्य क़ानूनी प्रतिनिधि हों, और आप वाहन के चालक, स्वामी और बीमा कंपनी से मुआवज़ा चाहते हों। इस प्रकार के मुआवज़े के दावों की सुनवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत गठित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण करता है।

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यह दावा याचिका है: इसमें याचिकाकर्ताओं और प्रत्यर्थियों के नाम, दुर्घटना का वृत्तांत, चोटों या मृत्यु का वर्णन, माँगा गया मुआवज़ा और अधिकरण का क्षेत्राधिकार क्यों है, यह दिया जाता है। अधिकरण में याचिका न्यायालयीन काग़ज़ है और प्रायः अधिवक्ता के माध्यम से दाख़िल की जाती है, जो माँगे जाने वाले मुआवज़े को भी तय करेगा और अधिकरण द्वारा माँगे काग़ज़ तैयार करेगा; यदि अधिवक्ता है तो उसका नाम अंत में जाता है। अधिकरण दावा किसी निर्धारित प्रारूप में, पुलिस की विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट, और चिकित्सा, आय तथा हानि के अभिलेख भी माँग सकते हैं। इन्हें जल्दी जुटा लें: FIR और आरोप-पत्र या अंतिम रिपोर्ट, चोट या शव-परीक्षण रिपोर्ट, चिकित्सा बिल, आय और आयु का प्रमाण, मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाणपत्र, और वाहन का बीमा ब्योरा। अधिकरण का पंजीयन कार्यालय जो भी न्यायालय शुल्क माँगे वह चुकाएँ; दस्तावेज़ कोई राशि नहीं बताता। दाख़िल करने की समय-सीमा लागू हो सकती है; आज यह कितनी है, अपने अधिवक्ता से पूछें और जितनी जल्दी हो सके दाख़िल करें। यह केवल वाहन की क्षति के लिए नहीं है — उसके लिए मोटर स्वयं-क्षति दावा पत्र उपयोग करें। यह आपके अपने व्यक्तिगत दुर्घटना कवर के अंतर्गत दावा नहीं है — व्यक्तिगत दुर्घटना दावा पत्र उपयोग करें। यह याचिका के साथ लगने वाला शपथबद्ध कथन नहीं है — सामान्य न्यायालय शपथ-पत्र उपयोग करें।

क्या यह यहीं भरा जा सकता है

यह यहीं भरा जा सकता है

यह दस्तावेज़ आप इसी साइट पर भर सकते हैं, और कुछ भी तय करने से पहले पूरा मसौदा स्क्रीन पर पढ़ सकते हैं। यह ध्यान से तैयार किया गया प्रारूप है; आपके अपने हालात पर दी गई सलाह नहीं।

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स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और गवाह देखें

नीचे जो लिखा है वह पंजाब और चंडीगढ़ के लिए है। इसमें वहीं की स्थिति दी गई है, यह नहीं कि यह कहाँ-कहाँ कैसे बदलती है — यानी नीचे की रकमें वही हैं जो लागू होती हैं। दरें बदलती रहती हैं, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्का कर लेना ठीक रहता है। अगर प्रॉपर्टी भारत में कहीं और है, तो इनमें से कुछ भी आपके लिए नहीं है।

स्टाम्प ड्यूटी

पंजाब और चंडीगढ़: दावा अधिकरण में याचिका न्यायालयीन काग़ज़ है। कोई भी न्यायालय शुल्क अधिकरण के पंजीयन कार्यालय की अपेक्षा के अनुसार चुकाया जाता है, और यह दस्तावेज़ कोई राशि नहीं बताता: अधिकरण के दाख़िला काउंटर पर पूछ लें कि शुल्क लगता है या नहीं और किस रूप में, तथा अधिवक्ता के लिए मुख्तारनामा या वकालतनामा पर स्टांप लगेगा या नहीं।

रजिस्ट्री

पंजाब और चंडीगढ़: पंजीकरण-योग्य नहीं। यह अधिकरण में याचिका है और किसी अचल संपत्ति से संबंध नहीं रखती, इसलिए रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 17 इस पर लागू नहीं होती।

नोटरी

पंजाब और चंडीगढ़: याचिका का सत्यापन याचिकाकर्ता उसके अंत में करता है। उसके साथ प्रायः शपथ आयुक्त या नोटरी के समक्ष शपथबद्ध सहायक शपथ-पत्र दाख़िल किया जाता है; सामान्य न्यायालय शपथ-पत्र देखें।

गवाह

पंजाब और चंडीगढ़: याचिका पर कोई गवाह हस्ताक्षर नहीं करता। गवाहों की जाँच बाद में, सुनवाई में होती है।

स्टाम्प पेपर का अनुरोध करें

Sample preview — placeholder answers, not your data

IN THE MOTOR ACCIDENT CLAIMS TRIBUNAL, SAS NAGAR (MOHALI)

Claim Petition No. _____ of _____ (to be filled in by the registry)

PETITION FOR COMPENSATION UNDER SECTION 166 OF THE MOTOR VEHICLES ACT, 1988

IN THE MATTER OF an accident on 1 April 2026 at Chandigarh-Ambala highway near Zirakpur.

PETITIONER(S):
Manpreet Kaur, aged 38, widow of the deceased, House No. 214, Sector 15-A, Chandigarh. Aman Singh, aged 12, son, through his mother as natural guardian, same address.

VERSUS

RESPONDENTS:

  1. 1. Gurdev Singh, the driver of vehicle no. PB 65 CD 7788, of Village Dhakoli, Zirakpur, SAS Nagar
  1. 2. Sandhu Transport Company, the registered owner of that vehicle, of Plot 12, Industrial Area Phase 2, Mohali
  1. 3. ABC General Insurance Company Limited, the insurer of that vehicle, of Regional Office, SCO 25, Sector 17-E, Chandigarh 160017, under policy no. P/141234/01/2026/003318

MOST RESPECTFULLY SHOWETH:

1. THE PETITIONER(S)

1.1 This petition is filed by the injured person, for the injuries suffered in the accident.

1.2 The injured or deceased person is Harjinder Singh, aged 42 years, a shopkeeper, whose monthly income was ₹30,000 (Rupees Thirty Thousand only).

2. THE ACCIDENT

2.1 On 1 April 2026 at Chandigarh-Ambala highway near Zirakpur, He was riding his scooter on the left of the road at a slow speed when a truck coming from behind at high speed hit him.

2.2 The accident was caused by the rash and negligent driving of vehicle no. PB 65 CD 7788 by Respondent 1.

2.3 A first information report was registered: FIR No. 214 dated 3 September 2026, Police Station Zirakpur.

3. THE INJURIES OR THE DEATH

3.1 Fracture of the right thigh bone and head injury. Treated at PGIMER, Chandigarh from 3 to 29 September 2026. The right leg has been left shorter and he cannot work as before. The medical expenses incurred so far are ₹3,50,000 (Rupees Three Lakh Fifty Thousand only).

4. LIABILITY OF THE RESPONDENTS

4.1 Respondent 1 was driving the vehicle. Respondent 2 is its registered owner and is liable for the acts of the driver. Respondent 3 had insured the vehicle on the date of the accident and is bound to satisfy any award. The Petitioner(s) say that the Respondents are liable jointly and severally.

5. THE COMPENSATION CLAIMED

5.1 The Petitioner(s) claim compensation of ₹25,00,000 (Rupees Twenty Five Lakh only), with interest from the date of this petition until payment, and costs, or such other sum as the Tribunal finds to be just.

5.2 The Petitioner(s) have not claimed compensation for this accident from any other court or tribunal.

6. JURISDICTION AND FILING

6.1 This Tribunal has jurisdiction because the accident took place within its local limits.

6.2 The cause of action arose on 1 April 2026, and this petition is filed on 2 April 2026. The Petitioner(s) will pay any court fee that the Tribunal's registry requires.

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